ऐतिहासिक संबोधन

अतुलनीय अटलजी "व्यक्तित्व, विचार व विरासत"

आजादी अमर शहीदों व सेनानियों की देन हमें इसकी रक्षा करनी होगी

मेरे प्यारे देशवासी, बहनों, भाइयों और बच्चों। अपने देश की स्वतंत्रता की 51 वीं वर्षगाँठ पर मेरी ओर से आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ । देखते-देखते आधी शताब्दी बीत गई। लगता है, कल की ही बात है। पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने इसी स्थान पर पहली बार हमारा प्यारा तिरंगा नीले आसमान में पहराया था। उसके पश्चात् प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस पर इस ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराने की परंपरा ...

पूरा भाषण पढ़ें

आने वाला कल हमारा होगा

स्वागताध्यक्ष महोदय, प्रतिनिधि बन्धुओं, बहनों और सज्जनगण, दिन जाते देर नहीं लगती। काल का चक्र निरन्तर चलता रहता है। वह न किसी के लिए थमता है, न रुकता है। आठ मास पूर्व जब हम जनसंघ के 18वें अधिवेशन के लिए कालीकट में एकत्र हुए थे, तब पंडित दीनदयाल उपाध्याय हमारे बीच में थे। कितने उल्लास और उत्साह के साथ हमने उन्हें अपना अध्यक्ष निर्वाचित किया था। अनेक वर्षों से अध्यक्ष बनने का हमारा आ...

पूरा भाषण पढ़ें

वसुधैव कुटुम्बकम् पुरानी परिकल्पना हमारा विश्वास-सारा संसार एक परिवार

अध्यक्ष महोदय, प्रतिनिधिगण भारतवर्ष में हाल ही में एक ऐतिहासिक और अहिंसात्मक क्रांति हुई। गत मार्च में हुए चुनावों में भारतीय जनता ने मानव की दुर्दम्य आत्मशक्ति का परिचय दिया और एक स्वतंत्र और उन्मुक्त समाज में अपनी आस्था की पुष्टि की। उन्होंने लोकतंत्र को नष्ट करने के तामसी तथा निरंकुश शक्तियों के धूर्ततापूर्ण प्रयत्नों को निर्णायक रूप से पराजित कर दिया। हमारे देश की 6० कर...

पूरा भाषण पढ़ें