बाधाएँ आती है आएँ घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,
पाँवों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,
निज हाथों से हँसते हँसते, आग लगा कर जलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा ।
हास्य-रुदन में, तूफानों में, अमर असंख्यक बलिदानों में,
उद्यानों में, वीरानों में, अपमानों में, सन्मानों में,
उन्नत मस्तक, उभरा सीना, पीड़ाओं में पलना होगा!
कदम मिलाकर चलना होगा।
उजियारे में, अंधकार में, कल कछार में, बीच धार मे...
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